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मंडी में विनय कुमार के सामने ही आपस में भिड़ गए कांग्रेसी

प्रकाश चौधरी को खरी खोटी सुना दी सोहन लाल ने...

विशेष संवाददाता

     शिमला : पिछले दिनों कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कौल सिंह ठाकुर की पुत्री चंपा ठाकुर के पदग्रहण करने के बाद ही मंडी का विपाशा सदन एक जंग में तब्दील हो गया। प्रदेश कांग्रेस के नवनियुक्त अध्यक्ष विनय कुमार के सामने ही मंडी के दो नेताओं में जुबानी जंग छिड़ गई। इस घटना के बाद शिमला के राजीव भवन की वह बैठक भी याद आने लगी जब वहां वीरभद्र समर्थक और सुक्खू समर्थकों में सिरफुटव्वल शुरू हो गई थी।
     इस समय भी जहां प्रदेश के मंत्रियों के बीच तनाव बढ़ने की खबरें आने लगी हैं तो कार्यकर्ताओं संगठन तक उसकी आंच पहुंचना स्वाभाविक ही है। मंडी में भी कुछ ऐसा ही हुआ। दरअसल हुआ यूं कि इस कार्यक्रम के मंच पर ही पूर्व मंत्री प्रकाश चौधरी और पूर्व मुख्य संसदीय सचिव सोहन लाल ठाकुर आमने-सामने हो गए। इससे माहौल गरमा गया। कार्यकर्ता भी अपने नेताओं के पक्ष में पंडाल में खड़े हो गए और नारेबाजी व बहसबाजी करने लग गए। जोश में पंडाल में वीरभद्र सिंह, सुखविंद्रर सिंह सुक्खू और प्रकाश चौधरी के नाम के नारों से माहौल तनावपूर्ण हो गया। जिला कांग्रेस अध्यक्ष चंपा ठाकुर के पदभार ग्रहण के पहले दिन ही कांग्रेस की गुटबाजी और नाराजगी उजागर होकर सामने आ गई।
     जिला कार्यकारिणी को लेकर सोहन लाल ठाकुर के बयान पर पूर्व मंत्री प्रकाश चौधरी ने नाराजगी जताई। मंच पर ही प्रदेशाध्यक्ष विनय कुमार भी मौजूद थे। उनके सामने दोनों नेताओं में बहस हो गई। कार्यकर्ता भी अपनी कुर्सियों पर खड़े होकर बहस करने लगे। पूर्व मुख्य संसदीय सचिव की बात पूर्व जिला अध्यक्ष व पूर्व मंत्री प्रकाश चौधरी को अखर गई। जब प्रकाश चौधरी मंच पर संबोधन करने लगे तब उन्होंने कह दिया कि सोहन लाल जी, आपके विधानसभा क्षेत्र से 11 सदस्य कार्यकारिणी में शामिल किए गए थे। मैंने अपने विधानसभा क्षेत्र बल्ह से महज 6 लोगों को ही कार्यकारिणी में शामिल किया था। हमने संगठन को उस समय चलाया जब भाजपा के मुख्यमंत्री थे। बड़ी रैलियां व कार्यक्रमों का सफल आयोजन कराया।
     कार्यकर्ता भी मंच के करीब आकर हो हल्ला करने लगे। बस हाथापाई की नौबत आने ही वाली थी। कार्यकर्ताओं ने अपने गुटों के पक्ष में जमकर नारेबाजी की। दरअसल सोहन लाल ने इशारों में प्रकाश चौधरी पर कटाक्ष करते हुए कह दिया कि पूर्व में ऐसे जिलाध्यक्ष रहे हैं, जिन्होंने 400 पदाधिकारियों और सदस्यों की लंबी चौड़ी कार्यकारिणी बना रखी थी। कार्यकारिणी में ऐसे लोगों को शामिल कर दिया जो मंच पर पुष्प गुच्छ देकर पहले फोटो खिंचवाते थे, बाद में फेसबुक पर शेयर करते थे। धरातल पर ऐसे पदाधिकारियों का कोई योगदान नहीं होता था। आलम इस कदर रहता था कि 400 की कार्यकारिणी में से धरना प्रदर्शन में मुश्किल से 40 कार्यकर्ता-पदाधिकारी पहुंचते रहे हैं।
     बाद में हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेशाध्यक्ष विनय कुमार ने कहा कि संगठन को मजबूत करने के लिए नियुक्त अध्यक्षों की अगर परफार्मेस अच्छी नहीं रही तो उन्हें पद से हटा दिया जाएगा। अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं होगी। जिला अध्यक्ष को पहले अपने आप को अनुशासन में रहना होगा, इसके बाद कार्यकर्ताओं को अनुशासन का पाठ पढ़ाएं। जिला अध्यक्षों की नियुक्ति के बाद अब प्रदेश कांग्रेस कार्यकारिणी की घोषणा कर दी जाएगी। इसमें हर वर्ग जाति व जिला को प्रतिनिधित्व दिया गया है।

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